एक लेखक की खुदकुशी और सन्नाटा

आज, जब एक लेखक मरा है, एक बुजुर्गवार ने खुदकुशी की है, हम तक सबसे पहले बस्तर को पहुंचाने वाले शख्स' ने मौत के रूप में एक बार फिर गुमनामी को चुना

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वीरेनदा का जाना और एक अमानवीय कविता की मुक्ति

वीरेन डंगवाल यानी हमारी पीढी में सबके लिए वीरेनदा नहीं रहे। आज सुबह वे बरेली में गुज़र गए। शाम तक वहीं अंत्‍येष्टि हो जाएगी। हम उसमें नहीं होंगे।

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बनारस में हो तो अपना लक पहन के चलो!

बनारस के अख़बारों में मरने-मारने की ख़बरें हाल तक काफी कम होती थीं। एक समय था जब कुछ लोग ऐसा दावा भी करते थे कि बनारस में बलात्‍कार नहीं होते और

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बनारस सुरक्षा बंधन मना रहा है!

पूर्णिमा बीत गई। सावन ढलने वाला है। देश रक्षाबंधन मना चुका। बनारस सुरक्षा बंधन मना रहा है। देखकर दिमाग चकरा गया जब हमने शुक्रवार की सुबह करीब दो

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क्‍योटो के ए पार, क्‍योटो के ओ पार…

हफ्ते भर बाद बनारस में कल बारिश हुई। बारिश होते ही दो खबरें काफी तेजी से फैलीं। पहली, कि नई सड़क पर कमर भर पानी लग गया है। दूसरी, कि पूरा शहर जाम

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बनारस-क्‍योटो संधि का एक साल: किस्‍तों में ज़मीनी पड़ताल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अगस्‍त 2014 को जापान में एक सौदा किया था। सौदा था बनारस को क्‍योटो बनाने का, या कहें क्‍योटो जैसा बनाने का। एक

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इमरजेंसी का स्‍मरण और गांधी के बाएं बाजू बंधा बैनर

आपातकाल की चालीसवीं बरसी पर रिहाई मंच ने दिया धरना... जलाकर मारे गए शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह को इंसाफ दिलाने और प्रदेश में दलितों,

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प्रफुल भाई, इन्‍हें माफ़ करना… ये खुद अपने दुश्‍मन हैं

इसे दुर्भाग्‍य कहूं या सौभाग्‍य कि प्रफुल बिदवई के गुज़रने की ख़बर मुझे राजदीप सरदेसाई की श्रद्धांजलि से मिली। बुधवार को दोपहर ढाई बजे से प्रेस

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बीएचयू ब्रांड साम्‍प्रदायिक सौहार्द: स्‍वामी-खलकामी के बीच लटका जमात-ए-इस्‍लामी हिंद

परसों मेल पर एक न्‍योता आया। भेजने वाले का नाम है तौसीफ़ मादिकेरी और परिचय है ‘राष्‍ट्रीय सचिव’, स्‍टू‍डेंट्स इस्‍लामिक ऑर्गनाइज़ेशन

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कॉरपोरेट हमले और सांप्रदायिक फासीवाद के खिलाफ एकजुट हुए लेखक, संस्‍कृतिकर्मी और पत्रकार

नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में पिछले साल केंद्र की सत्‍ता में आयी एनडीए सरकार को साल भर पूरा होते-होते साहित्यिक-सांस्‍कृतिक क्षेत्र भी अब उसके

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विकास की बलिवेदी पर: आखिरी किस्‍त

इस कहानी को और लंबा होना था। कनहर की कहानी के भीतर कई ऐसी परतें हैं जिन्‍हें खोला जाना था। ऐसा लगता है कि उसका वक्‍त अचानक खत्‍म हो गया। यह भी कह

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