Oct 11, 2026

Arts And Aesthetics

मैं प्रेम में भरोसा करती हूं. इस पागल दुनिया में इससे अधिक और क्या मायने रखता है?

टूटी शादियों वाली इस अस्तव्यस्त धरती से मेरा सलाम. यह सराय अब टूटकर बिखर रहा है. चीज़ें हवा में तैर...

कविताः अंतिम इच्छा (राजधानी में एक किसान की आत्महत्या पर)

खून रोती आंखों वाली माँ, बेवा, बच्चे और खेत, सबके सब तड़पकर जान दे देंगे फिर भी नहीं बदलेगी नीयत...