प्रियंका गांधी ने बीजेपी पर कसा तंज- बिना होमवर्क के स्कूल आ जाते हैं फिर कहते हैं नेहरू ने मेरा पर्चा ले लिया

प्रियंका ने कहा, एक दिल्ली की लड़की आपको खुली चुनौती दे रही है कि चुनाव के आखिरी दो चरण नोटबंदी पर लड़िए, जीएसटी पर लड़िए, महिलाओं की सुरक्षा पर लड़िए.

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नई दिल्ली : 

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली में बीजेपी और मोदी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, ‘एक दिल्ली की लड़की आपको खुली चुनौती दे रही है कि चुनाव के आखिरी दो चरण नोटबंदी पर लड़िए, जीएसटी पर लड़िए, महिलाओं की सुरक्षा पर लड़िए और उन वादों पर लड़िए जो आपने पूरे देश के नौजवानों से झूठे वादे किए, धोखा दिया.’ प्रियंका ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा, ‘इन लोगों की हालत उन बच्चों की तरह है जो अपना होमवर्क नहीं करते और स्कूल आ जाते हैं. जब टीचर उनसे काम के बारे में पूछती है तो कहते हैं, क्या करूं, नेहरू जी ने मेरा पर्चा ले लिया और छुपा दिया. मैं क्या करूं इंदिरा जी ने कागज की कश्ती बना दी मेरे होमवर्क की और किसी पानी में डुबा दी.’

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के सरगर्मियों (Lok Sabha Election 2019) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी लगातार जारी है. सत्ताधारी पार्टी विपक्ष पर तो विपक्षी पार्टियां सत्ताधारी दल पर हमलावर है. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने हरियाणा के फतेहाबाद में एक रैली के दौरान यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के दामाद और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के पति रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) पर हमला बोला. पीएम मोदी (PM Modi) ने इशारों ही इशारों में कहा कि किसानों को लूटने वालों को ये चौकीदार कोर्ट तक ले गया है. आज वह जमानत के लिए चक्कर काट रहे हैं, ईडी के दफ्तर में जूते घिस रहे हैं. ये लोग पहले मानते थे कि हम शहंशाह हैं. मैं ऐसे लोगों को जेल के दरवाजे तक ले गया हूं, आने वाले 5 साल में इन्हें अंदर तक कर दूंगा. इसे लेकर रॉबर्ट वाड्रा ने पीएम मोदी पर पलटवार किया. अपने फेसबुक पोस्ट में रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra Facebook Post) ने लिखा कि ‘आदरणीय प्रधानमंत्री जी! मैं आपकी रैली में फिर से अपना नाम सुनकर चौंक गया हूं.

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रॉबर्ट वाड्रा ने लिखा, ‘आदरणीय, प्रधानमंत्री जी! मैं आपकी रैली में फिर से अपना नाम सुनकर चौंक गया हूं. गरीबी, बेरोजगारी, महिला सशक्तिकरण आदि जैसे ज्वलंत मुद्दे हैं जो आपको उठाने चाहिए, लेकिन आप मेरे बारे में ही बोलना पसंद करते हैं. मैं पिछले 5 वर्षों से पूर्ण उत्पीड़ित हूं. मानसिक रूप से मुझ पर दबाव डालने के लिए एजेंसियों से अथक नोटिस दिए जाते हैं. मैंने सभी आदेशों का पालन किया, लेकिन एक भी आरोप सिद्ध नहीं हुआ है.मुझे आश्चर्य है कि मेरे नाम का बार-बार चुनाव में इस्तेमाल किया जाता है, अपनी सरकार की विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए.’

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